रविदास जयंती के अवसर पर दर्शन अखाड़े पर ज्ञान-वार्ता

दर्शन अखाड़ा
आमंत्रण
रविदास जयंती के अवसर पर दर्शन अखाड़े पर ज्ञान-वार्ता
दिन : मंगलवार, 4 फरवरी, 2020 समय : दोपहर 3.00 बजे से
स्थान : दर्शन अखाड़ा, ए 11/13, नया महादेव, राजघाट, वाराणसी

दिनांक 9 फरवरी को रविदास जयंती है. इसे ध्यान में रखते हुए 4 फरवरी को दोपहर 3 बजे दर्शन अखाड़ा में इस महान संत के जीवन और दर्शन पर एक चर्चा रखी गई है. नीचे उनका ज्ञान-सन्देश का एक पद दिया जा रहा है. इसके सन्दर्भ में बात की जायेगी.

नामहि पूजा कहाँ चढ़ाऊँ, फल अरु फूल अनुपम न पाऊँ l
दूधत बछरयो थनहु जुठारयो, पुहुप भँवर, जल मीन बिगारयो ll
मलयागिरि बांधियो भुजंगा, विष अमृत बसइ इक संगा l
मनहि पूजा, मनहि धूप, मनहि से सेऊँ सहज सरूप ll
तोडूं न पाती, पूजूं न देवा, सहज समाधि करूं हरी सेवा l
पूजा अरचा न जानूं तोरी, कह ‘रैदास’ कौन गति मोरी ll

क्या सामान्य लोगों के ज्ञान और जीवन की प्रतिष्ठा का सन्देश इसमें है? आज के सन्दर्भ में इससे मिलने वाली सीख पर चर्चा होगी.
इस वार्ता में पहले तीन व्यक्ति अपनी बात रखेंगे फिर और लोग बोलेंगे.
वक्ता
• डा. चित्रा सहस्रबुद्धे, समन्वयक विद्या आश्रम, सारनाथ, वाराणसी
• आचार्य भारतभूषण दास, गुरु रविदास जन्मस्थान मंदिर, सीरगोवर्धनपुर, वाराणसी
• डा. मोहम्मद आरिफ, मध्ययुगीन भारत के विद्वान इतिहासकार.

वार्ता की शुरुआत सरायमोहाना, वाराणसी की रविदास भजन मंडली के गायन से होगी. इस ज्ञान-वार्ता में आप सादर आमंत्रित हैं, अवश्य आयें.

सुनील सहस्रबुद्धे ( 9839275124)
गोरखनाथ ( 9450542636)

 

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