भारत की राजनीति में दर्शन की भूमिका

दर्शन अखाड़ा
ए 11/13 नया महादेव, राजघाट, वाराणसी

निमंत्रण
विचार गोष्ठी
भारत की राजनीति में दर्शन की भूमिका
स्वदेशी दर्शन परम्पराएं और मूल्य आधारित राजनीति
28 मई 2019 को शाम 5 बजे

28 मई 2019 को शाम 5 बजे दर्शन अखाड़ा, राजघाट, वाराणसी पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन है. विषय है – भारत की राजनीति में दर्शन की भूमिका : स्वदेशी दर्शन परम्पराएं और मूल्य आधारित राजनीति.

बात अब लोकसभा चुनाव की चर्चा के आगे बढ़ जानी चाहिए. भारत के सामाजिक जीवन में दर्शन का एक प्रमुख स्थान हमेशा से रहा है. साम्राज्यवाद ने राजनीति और समाज के बीच जो अलगाव पैदा किये उसे हम आज तक ढो रहे हैं. समाज की दार्शनिक चर्चाओं को राजनीति विस्थापित करती हैं और खुद दर्शन से मुक्त होकर समाज पर शासन के औजार बनाती हैं. भारत की राजनीति ने जिन लोगों को मन की गहराइयों तक उद्वेलित किया है वे तरह-तरह के कोण से समाज में संवेदना और विचार की प्रतिष्ठा के बारे में और खुद विचार पर भी सोचते रहते हैं. मनुष्य स्पष्ट विचार तभी कर पाता है जब अपने को विवश नहीं समझता. यही सब सोचते हुए प्रस्तावित वार्ता की बात बनी. अमरनाथ भाई और विजय नारायण जी से चर्चा करके यह तय किया गया कि दर्शन अखाड़ा राजघाट पर ऐसा कुछ विचार विनिमय किया जाये. आप सभी सादर आमंत्रित हैं.

सुनील सहस्रबुद्धे (9839275124) गोरखनाथ (9450542636)